नई दिल्ली/देहरादून, 6 अक्टूबर 2026: मंगलवार की रात उत्तराखंड में आए Magnitude Earthquake के झटकों से दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई जिलों में हलचल महसूस की गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार भूकंप की तीव्रता 4.9 मैग्नीट्यूड राई और इसका केंद्र उत्तराखंड के चमोली क्षेत्र में था। भूकंप की गहराई करीब 13 किलोमीटर दर्ज की गई।

दिल्ली-एनसीआर में भी Magnitude Earthquake
भूकंप का झटका रात करीब 10:23 बजे महसूस हुआ। दिल्ली के बूथों, गुरुग्राम और एनसीआर के अन्य हिस्सों में भी लोगों ने कुछ समय के लिए कूल फील होने की जानकारी दी। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड के कई क्षेत्रों में भी शामिल किये गये।
Magnitude Earthquake के झटके महसूस होने के बाद कई लोग एशिया में अपने घर और अपार्टमेंट से बाहर निकल आये। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने भूकंप का अनुभव साझा किया।
चमोली में था Magnitude Earthquake का केंद्रhttps://newsmantra24.com/tata-aeris-launch-price-features-petrol-cng/
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार भूकंप का केंद्र नासिक क्षेत्र में था। एनसीएस के रिकॉर्ड के अनुसार घटना की गहराई लगभग 30.103° उत्तरी अक्षांश और 79.561° पूर्वी देश पर थी और इसकी गहराई 13 किलोमीटर थी।
प्रारंभिक रिपोर्टों में भूकंपीय खंडों की अलग-अलग जानकारी दी गई थी, लेकिन बाद में एनसीएस के अपडेट में इसे 4.9 दर्ज किया गया।
फिलहाल बड़े नुकसान की खबर नहीं
Magnitude Earthquake के झटके 4.9 होने के कारण उत्तर भारत के कई सिद्धांतों में बताया गया था, लेकिन खबर लिखे जाने तक किसी बड़े जन-माल के नुकसान या व्यापक विनाश की रिपोर्ट सामने नहीं आई थी। संबंधित जीनियस स्थिति पर नजर रख रही हैं।
भूकंप के दौरान खतरे के बजाय सुरक्षित स्थान पर रहना जरूरी है। अगर आप किसी इमारत के अंदर हैं तो पौराणिक, भारी सामान और ऐसी वस्तुओं से दूर रह सकते हैं जो गिर सकते हैं। संभव हो तो मजबूत तालिका या डेस्क के नीचे सिर और गर्दन को सुरक्षित रखें।
क्यों आता है Magnitude Earthquake?
भूकंप पृथ्वी की टेक्टॉनिक खोजों से जुड़ी प्राकृतिक घटना है। हिमालयी क्षेत्र विशेष रूप से भूकंपीय चट्टानी दीवार है, भारतीय प्लेट और यूरेशियन प्लेट के बीच लगातार भूगर्भिक दबाव बना हुआ है।
हालाँकि किसी भी भूकंप के बाद भविष्य में कितनी बड़ी भूकंपीय घटनाएँ होंगी, इसका निश्चित अनुमान केवल इस घटना के आधार पर नहीं लगाया जा सकता है। वैज्ञानिक वैज्ञानिक भूकंपीय शल्यक्रिया की निगरानी करते हैं।
पहले भी उत्तराखंड में आए हैं Magnitude Earthquake
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के रिकॉर्ड में उत्तराखंड के अलग-अलग विचारधारा में समय-समय पर भूकंप दर्ज किए गए हैं। सितम्बर 2026 में भी बागेश्वर क्षेत्र में 3.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था।
मंगलवार को ही असम के नागांव क्षेत्र में भी 4.5 तीव्रता का एक अलग भूकंप दर्ज किया गया था।
भूकंप के बाद लोगों को अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक तौर पर प्राप्त जानकारी पर ध्यान देना चाहिए। किसी भी बिल्डिंग में खराबी, गैस प्लांट या बिजली से जुड़ी समस्या सामने आए तो सावधानी बरतना जरूरी है। घर से बाहर निकल कर ग्राउंड में जाने की कोशिश
-मौजूदा लोगों को लगता है कि जा रही झटकों ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के लिए लोगों को पहले से ही दिल्ली से तैयारी करनी चाहिए।
नोट: भूकंप से संबंधित नवीनतम जानकारी के लिए राष्ट्रीय भूकंप केंद्र (एनसीएस) के लिए आधिकारिक अपडेट की आवश्यकता है। गलत अफ़वाहो से दूर रहे
Appeal to people to stay off the streets Magnitude Earthquake
मंगलवार रात उत्तराखंड के चमोली में 4.9 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके दिल्ली-NCR इलाके में भी महसूस किए गए।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप की गहराई 13 किलोमीटर मापी गई और इसकी स्थिति को ‘रिव्यू किया गया’ (जांचा गया) बताया गया।
आस-पास की भूकंपीय गतिविधि (क्रेडिट: नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी)
इस साल दिल्ली-NCR में कई बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।
19 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में 2.8 तीव्रता का हल्का भूकंप आया, जिसका केंद्र उत्तरी दिल्ली में लगभग पांच किलोमीटर की कम गहराई पर था। राजधानी के कुछ हिस्सों में हल्के झटके महसूस किए गए, लेकिन किसी नुकसान की खबर नहीं मिली।
3 अप्रैल 2026 को अफगानिस्तान में 5.9 तीव्रता का भूकंप आने के बाद दिल्ली-NCR में झटके महसूस किए गए। इसका केंद्र दरावन के पास था और पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और करगिल में भी हल्के झटके महसूस किए गए। तुरंत किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की खबर नहीं मिली।
UPI Payment पर लगेगा 0.4% MDR चार्ज? जानिए दुकानदारों और ग्राहकों पर क्या होगा असर RBI की गाइड लाइन



