भारत ने अमेरिका से Javelin Anti-Tank Missile सिस्टम खरीदने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। 28 अगस्त 2026 को भारतीय सेना ने अमेरिकी विदेशी सैन्य बिक्री प्रक्रिया के तहत जेवलिन सिस्टम खरीदने के लिए लेटर ऑफ ऑफर एंड एक्सेप्टेंस पर साइन किए। जिससे भारत की रक्षा हो सके और भी मजबूत हो जाएगे

जेवलिन को शामिल करने में लगभग 15 साल लग गए क्योंकि शुरुआत में भारत और अमेरिका टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और लोकल प्रोडक्शन को लेकर अपने मतभेदों को दूर नहीं कर पाए थे।
Javelin missile क्या है?
जेवलिन एक man-portable और shoulder-launched anti-tank missile सिस्टम है। इसे मुख्य रूप से दुश्मन के टैंकों और बख्तरबंद वाहनों को घुमाने के लिए बनाया गया है। इसकी खासियत है कि लक्ष्य पर लॉक करने के बाद मिसाइल को लगातार ऑपरेटर द्वारा नियंत्रित करने की जरूरत नहीं होती। जेवलिन को लॉकहीड मार्टिन और आरटीएक्स के Javelin Joint Venture द्वारा बनाया जाता है। इस सिस्टम को अमेरिका समेत कई देशों की सेनाएं इस्तेमाल करती हैं। यूक्रेन युद्ध के दौरान इसके इस्तेमाल ने भी इसे दुनिया भर में काफी चर्चित बनाया। अमेरिका निर्मित -जेवलिन anti-tank guided missile system हासिल करने का भारत का फैसला भारतीय सेना की पैदल सेना की एंटी-आर्मर क्षमताओं में एक महत्वपूर्ण वृद्धि का प्रतीक है, खासकर ऐसे समय में जब आधुनिक युद्ध ने टैंकों और बख्तरबंद वाहनों के खिलाफ अत्यधिक मोबाइल, सटीक-निर्देशित हथियारों के महत्व को मजबूत किया है।भारतीय सेना ने U.S. फॉरेन मिलिट्री सेल्स प्रोग्राम के तहत जैवलिन सिस्टम के लिए ‘लेटर ऑफ़ ऑफ़र एंड एक्सेप्टेंस’ (LOA) पर साइन किया है। इससे भारत दुनिया के सबसे मशहूर शोल्डर-फायर्ड एंटी-टैंक मिसाइल सिस्टम में से एक का ग्राहक बन गया है। इस खरीद से भारत में इसके को-प्रोडक्शन (संयुक्त उत्पादन) की संभावना भी खुल गई है; टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) और जैवलिन जॉइंट वेंचर ने देश में ‘जैवलिन ऑल अप राउंड’ की फाइनल असेंबली और इंटीग्रेशन की संभावनाओं पर काम करने के लिए एक ‘मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग’ (MoU) पर साइन किया है।
भारत को Javelin की ज़रूरत क्यों पड़ी?
1. दुश्मन के टैंकों से मुकाबला
Indain army पनी modern anti-armor क्षमताओं को बेहतर बनाने की ज़रूरत है। जेवलिन जैसे सिस्टम पैदल सेना के सैनिकों को आसानी से ले जाए जा सकने वाले साधनों से बख्तरबंद लक्ष्यों पर हमला करने की क्षमता देते हैं। इससे भारतीय सेना मुश्किल जगहों पर हमला करने और आवाजाही करने में सक्षम होगी, जिससे सेना का मनोबल और बढ़ेगा।
2. Fire-and-Forget तकनीक
जेवलिन की सबसे महत्वपूर्ण मिसाइल में इसकी ire-and-forget capability है। लक्ष्य पर लॉक होने के बाद मिसाइल अपने guidance system के जरिए लक्ष्य को ट्रैक करती है। इससे मिसाइल लॉन्च करने वाला सैनिक तुरंत अपनी पोजीशन बदल सकता है। जिससे खुद का खतरा हट जाता है
3. दिन और रात में उपयोग
जेवलिन की एक महत्वपूर्ण विशेषता इसका top-attack mode है। इसमें मिसाइल टैंक के ऊपर से हमला कर सकती है, जहां कई बख्तरबंद वाहन अत्याधुनिक कम सुरक्षा रखते हैं। इसके Command Launch Unit में thermal imaging capability के कारण सिस्टम कम रोशनी और रात के समय भी target detection और engagement में मदद करता है। जिससे दूर बैठे दुश्मन को भी हमला से मारा जा सकता है इसके मारक छमता और सटीकता बहुत ही सुरक्षित है
भारत के लिए यह खरीदना कितनी महत्वपूर्ण है Javelin?
जेवलिन की खरीद केवल एक missile procurement नहीं है। यह भारत-अमेरिका के बढ़ते defense cooperation का भी संकेत है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि इस समझौते से दोनों देशों के defense industries के बीच भविष्य में सहयोग और co-production के अवसर खुल सकते हैं।इस सौदे के बाद Tata Advanced Systems Limited (TASL) और Javelin Joint Venture ने भारत में Javelin missile के co-production की संभावनाओं पर काम करने के लिए MoU भी किया है। इसमें भारत में missile rounds की final assembly और components के production की संभावनाएं शामिल हैं।
भारत ने पहले क्यों नहीं खरीदा Javelin?
दिलचस्प बात यह है कि भारत और अमेरिका के बीच जेवलिन को लेकर बातचीत नई नहीं है। भारत ने करीब 16 साल पहले भी इस missile system में रुचि दिखाई थी, लेकिन technology transfer और अन्य procurement-related मुद्दों के कारण उस समय सौदा आगे नहीं बढ़ पाया। इसके बाद भारत ने Israel की Spike anti-tank missile को विकल्प के तौर पर अपनाने की कोशिश की। अब बदलते रणनीतिक माहौल और भारत-अमेरिका defense partnership के मजबूत होने के साथ Javelin की खरीद फिर से आगे बढ़ी है।भारत के लिए जेवलिन missile system की खरीद का मुख्य उद्देश्य anti-tank और infantry firepower को मजबूत करना है। इसकी portability, fire-and-forget technology और आधुनिक guidance capabilities इसे भारतीय सेना के लिए उपयोगी बनाती हैं।इसके अलावा भारत में संभावित co-production से देश की defense manufacturing capability को भी बढ़ावा मिल सकता है। हालांकि, Javelin भारत के स्वदेशी anti-tank missile programs का विकल्प नहीं, बल्कि मौजूदा क्षमताओं को मजबूत करने वाला एक अतिरिक्त सिस्टम माना जा सकता है।



